90 Popular Songs for Monsoon Season listicle in Nature

90 Popular Songs for Monsoon Season | Songs listicle

 
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1रिमझिम गिरे सावन सुलग सुलग जाए
2टिप टिप बरसा पानी पानी में आग लगाई
3भीगी भीगी रातों में मीठी मीठी बातों में
4आज रपट जाएँ तो हमें ना उठाइयो
5प्यार हुआ इकरार हुआ है प्यार से फिर
6काटे नहीं कटते ये दिन ये रात
7बरसो रे मेघा मेघा बरसो रे मेघा बरसो
8लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है
9सावन का महीना पवन करे शोर
10घनन घनन घिर घिर आए बदरा
11एक लड़की भीगी भागी सी सोई हुई
12रिमझिम के गीत सावन गाये बिन भीगे
13तुम मिले तो मिल गया ये जहाँ सारा
14ये मौसम की बारिश ये बारिश का पानी
15मोहब्बत बरसा देना तू सावन आया है
16इधर चला मैं उधर चला जाने कहाँ
17कोई लड़की है जब वो हंसती है बारिश
18दिल तो पागल है दिल दीवाना है
19मेरे ख्वाबों में जो आये आके मुझे
20जो हाल दिल का इधर हो रहा है
21जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
22ओ सजना बरखा बहार आई रस की
23चम चम चम चमके ये बिजली आज यहाँ
24बादल यूँ गरजता है डर कुछ ऐसा लगता
25अब के सावन में जी डरे रिमझिम
26अल्लाह मेघ दे पानी दे छाया दे रे
27सावन को आने दो सावन को आने दो
28रिमझिम रिमझिम रुमझुम रुमझुम भीगी भीगी
29भीगे होठ तेरे प्यासा दिल मेरा कभी
30छम छम छम छम नाचे ये पायलिया मेरी
31परबत से काली घटा टकराई आज फिर
32सावन के झूले पड़े तुम चले आओ
33भीगी भीगी सड़कों पे मैं तेरा इंतज़ार करूँ
34बरखा रानी जरा जम के बरसो आज
35मेघ रे मेघ रे मत परदेश जा रे
36आज मौसम बड़ा बेईमान है बड़ा बेईमान
37हाय हाय ये मजबूरी ये मौसम और ये
38सावन में लग गई आग दिल मेरा धड़के
39भीगी भीगी पलकें ये मेरी यादों में
40घटा घिर आई है आज सखी री देखो
41काले मेघा काले मेघा पानी तो बरसाओ
42सावन की घटा घिर आई है सजना मेरा
43बदरा छाए रे सावन में मन मेरा तरसे
44पानी रे पानी तेरा रंग कैसा जैसा रंग
45बिजली गिराने मैं हूँ आई बिजली गिराने
46सावन के महीने में एक आग लगती है
47सावन की झड़ी देखो फिर से लगी है
48काली काली घटाओं के साये में हम तुम
49बारिशों में यादें तेरी आती हैं अक्सर
50सावन आया बादल छाए तुम कहाँ हो सजना
51पहली पहली बार देखा है ये समां प्यारा
52सावन के नज़ारे देखो फिर से आए सखी
53भीगी हुई शाम है यादों का जाम है
54बारिश की बूंदों ने छेड़ा है कोई तराना
55घन घन बरसे घटा काली काली गगन में
56बादलों की ओट में छुप गया चाँद आज
57रिमझिम बरसे पनिया रे सखी मेरे अंगना
58सावन में भीगी पलकें मेरी राह तकते
59बारिशों के दिन ये सुहाने आ गए सखी
60सावन की पहली फुहार आई है बागों में
61बरसात के मौसम में तनहाई के आलम में
62भीगे बदन पे तेरे पानी की बूंदें गिरी
63सावन के गीत सुनाते हैं हम तुम मिलके
64घटाएं छा रही हैं चारों तरफ गगन में
65बारिश की हल्की हल्की फुहार अच्छी लगी
66सावन का संदेशा लाया है बादल काला काला
67भीगे हुए इस मौसम में आओ पास मेरे
68बूंदों की ये झड़ी देखो सखी मेरे मन
69सावन की मीठी मीठी बातें याद आती हैं
70बारिश में हम तुम भीग जाएंगे आज यहाँ
71बादलों के साये में प्यार करें हम तुम
72सावन की फुहारों ने दिल जीता लिया मेरा
73भीगी रातों में तेरी याद आई है सजना
74बारिश का ये दिन कितना प्यारा लग रहा
75सावन के झूले देखो डाल दिए बागों में
76रिमझिम रिमझिम पानी बरस रहा है आज
77बादलों के बीच छुपा है सूरज देखो सखी
78सावन के दिन आए हैं आज ख़ुशियाँ लेके
79भीगी भीगी रात में ओ साथी मेरे आ
80बरसो रे बरसो रे बादलों तुम आज जमकर
81बारिश की बूंदों का खेल देखो निराला आज
82सावन की रुत आई है सजधज के देखो
83काले काले बादल छाए हैं गगन में आज
84भीगे भीगे मंज़र हैं यादों के साये हैं
85सावन का पहला दिन आया है उमंग लेके
86बादलों ने आज फिर कोई साज़ छेड़ा है
87रिमझिम सावन की फुहारें मन को भाती हैं
88बारिश के साथ तुम्हारी यादें आती हैं सखी
89सावन की घटाओं में खो गया है दिल
90भीगी हुई मिट्टी की महक आई है आज
classification
category: Nature
type: Songs
format: Text
method: Generic
language: Hindi
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